पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय: आजकल गैस, एसिडिटी, और अपच की समस्या आम हो गई है, खासकर अनियमित खानपान और गलत जीवनशैली के कारण। देर रात भारी, तला-भुना, या मसालेदार भोजन करने से पेट में जलन, भारीपन, और एसिड रिफ्लक्स जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोग तुरंत राहत पाने के लिए एंटासिड का सहारा लेते हैं। हालांकि, यह केवल अस्थायी समाधान है। पेट की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, समय पर भोजन, पर्याप्त पानी पीना, और नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
दालें और बीन्स
दालें और बीन्स प्रोटीन, फाइबर, आयरन और विटामिन से भरपूर होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ये पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं। मसूर, मूंग, राजमा, चना और सोयाबीन जैसी दालें व बीन्स हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होती हैं। नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स यानी गैस वाले पेय पदार्थों में सोडा और शक्कर की मात्रा अधिक होती है, जो स्वाद तो बढ़ाते हैं लेकिन सेहत के लिए हानिकारक हैं। इनका अधिक सेवन पाचन तंत्र को कमजोर करता है और एसिडिटी, गैस व पेट फूलने जैसी समस्याएं पैदा करता है। साथ ही, इनमें मौजूद फिज़ दांतों की एनामेल को भी नुकसान पहुंचाती है। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की जगह नारियल पानी, नींबू पानी या हर्बल ड्रिंक जैसे प्राकृतिक विकल्प बेहतर रहते हैं।
सब्जियां कौन गैस बनाती हैं
पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय
कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जो पाचन के दौरान गैस बनाती हैं। इनमें गोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, मूली, चना, राजमा, प्याज और आलू प्रमुख हैं। इन सब्जियों में रेशे और सल्फर यौगिक अधिक होते हैं, जो आंतों में गैस पैदा कर सकते हैं। हालांकि, इन्हें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। इन्हें सही तरीके से पकाकर, कम मात्रा में और धीरे-धीरे चबाकर खाने से गैस बनने की समस्या कम हो सकती है और पाचन बेहतर रहता है।
प्रोसेस्ड और जंक फूड
प्रोसेस्ड और जंक फूड में अधिक मात्रा में तेल, नमक, चीनी और प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हैं। ये फूड्स स्वादिष्ट जरूर होते हैं, लेकिन इनमें पोषण की कमी होती है और ये मोटापा, हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल व पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। लंबे समय तक इनका सेवन डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए, ताजे फल, सब्जियां और घर का बना संतुलित भोजन ही सेहत के लिए बेहतर विकल्प है।
डेयरी प्रोडक्ट्स
डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, दही, पनीर, मक्खन और घी शरीर को कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी प्रदान करते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। नियमित सेवन से मांसपेशियां और इम्यून सिस्टम भी बेहतर रहता है। हालांकि, कुछ लोगों में लैक्टोज असहिष्णुता के कारण गैस, पेट फूलना या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लो-फैट या लैक्टोज-फ्री डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना लाभदायक होता है और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय
- भोजन हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- अधिक तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन से परहेज करें।
- गैस बनाने वाली सब्जियों जैसे गोभी, राजमा, चना आदि का सेवन सीमित करें।
- भोजन के तुरंत बाद लेटने की बजाय थोड़ी देर टहलें।
- दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, लेकिन खाने के बीच ज्यादा पानी न पिएं।
- कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, शराब और जंक फूड से दूरी बनाएं।
- फाइबरयुक्त आहार लें, लेकिन उसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं।
- सौंफ, जीरा, अदरक या अजवाइन का सेवन पाचन को बेहतर बनाता है।
- तनाव कम करें, क्योंकि मानसिक तनाव भी गैस की समस्या बढ़ा सकता है।
- नियमित रूप से योग या हल्का व्यायाम करें, इससे पाचन क्रिया मजबूत होती है।
इन मसालों से पाचन की सुधार
पाचन सुधारने और गैस की समस्या कम करने के लिए कुछ मसालों की जरूरत होती है। सौंफ, जीरा, अजवाइन, हल्दी, अदरक और हरी इलायची पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट की जलन, गैस या भारीपन को कम करते हैं। खाना पकाते समय इन मसालों का सही मात्रा में इस्तेमाल से भोजन हल्का और सुपाच्य बनता है। चाय या पानी में हल्का सा अदरक या सौंफ डालकर पीने से भी पेट स्वस्थ रहता है और गैस की समस्या से राहत मिलती है।
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